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अब्राहम लिंकन

अब्राहम लिन्कनचे पत्र
Estatua de Lincoln, Wabash, Indiana, Estados Unidos, 2012-11-12, DD 01.jpg

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  • औरत ही एक मात्र प्राणी है जिससे मैं ये जानते हुए भी कि वो मुझे चोट नहीं पहुंचाएगी, डरता हूँ।
  • प्रजातंत्र लोगों की, लोगों के द्वारा, और लोगों के लिए बनायी गयी सरकार है।
  • शत्रुओं को मित्र बना कर क्या मैं उन्हें नष्ट नहीं कर रहा?
  • अगर शांति चाहते हैं तो लोकप्रियता से बचिए।
  • मित्र वो है जिसके शत्रु वही हैं जो आपके शत्रु हैं।
  • किसी वृक्ष को काटने के लिए आप मुझे छ: घंटे दीजिये और मैं पहले चार घंटे कुल्हाड़ी की धार तेज करने में लगाऊंगा।
  • साधारण दिखने वाले लोग ही दुनिया के सबसे अच्छे लोग होते हैं, यही वजह है कि भगवान ऐसे बहुत से लोगों का निर्माण करते हैं।
  • यदि आप एक बार अपने नागरिकों का भरोसा तोड़ दें, तो आप फिर कभी उनका सत्कार और सम्मान नहीं पा सकेंगे।
  • अगर कुत्ते की पूँछ को पैर कहें, तो कुत्ते के कितने पैर हुए? चार। पूछ को पैर कहने से वो पैर नहीं हो जाती।
  • मैं जो भी हूँ, या होने की आशा करता हूँ, उसका श्रेय मेरी माँ को जाता है।
  • तुम जो भी हो, नेक बनो।
  • मैं एक धीमी गति से चलता ज़रूर हूँ, लेकिन कभी वापस नहीं चलता।
  • पहले निश्चित कर लो कि तुम्हारे पैर सही जगह पर पड़े हैं, तब सीधे खड़े हो।
  • हमेशा यह ध्यान में रखिये कि आपके द्वारा सफल होने का लिया गया संकल्प आपके किसी भी अन्य संकल्प से ज्यादा महत्वपूर्ण है।
  • जब मैं अच्छा करता हूँ, मुझे अच्छा लगता है. जब मैं बुरा करता हूँ, तो मुझे बुरा लगता है, यही मेरा धर्म है।

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