"मोहनदास करमचंद गांधी" के अवतरणों में अंतर

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'''महात्मा गाँधी'''
 
वे ईसाई हैं, इससे क्या हिन्दुस्तानी नहीं रहे ? और परदेशी बन गये ?
महात्मा, भाग २ के पृष्ठ १५९
 
मनुष्य अक्सर सत्य का सौंदर्य देखने में असफल रहता है, सामान्य व्यक्ति इससे दूर भागता है और इसमें निहित सौंदर्य के प्रति अंधा बना रहता है। महात्मा, भाग ५ के पृष्ठ १८०
 
महात्मा, भाग ५ के पृष्ठ १८०
 
चरित्र और शैक्षणिक सुविधाएँ ही वह पूँजी है जो मातापिता अपने संतान में समान रूप से स्थानांतरित कर सकते हैं। महात्मा, भाग २ के पृष्ठ ३६७
महात्मा, भाग २ के पृष्ठ ८४
 
==बाहरी सूत्र==
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*http://www.hindi.mkgandhi.org/efg.htm
 
[[श्रेणी:हिन्दी लोकोक्तियाँ]]
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