"भीमराव आम्बेडकर" के अवतरणों में अंतर

सम्पादन सारांश रहित
'''लोग और उनके धर्म; सामाजिक नैतिकता के आधार पर सामाजिक मानकों द्वारा परखे जाने चाहिए. अगर धर्म को लोगों के भले के लिये आवश्यक वस्तु मान लिया जायेगा तो और किसी मानक का मतलब नहीं होगा.'''
डॉ॰ बी॰ आर॰ अम्बेडकर
'''बुद्धि का विकास मानव के अस्तित्व का अंतिम लक्ष्य होना चाहिए .'''
डॉ॰ बी॰ आर॰ अम्बेडकर
'''मैं ऐसे धर्म को मानता हूँ जो स्वतंत्रता, समानता, और भाई -चारा सीखाये.'''
डॉ॰ बी॰ आर॰ अम्बेडकर
 
==बाह्य सूत्र==
बेनामी उपयोगकर्ता