कोई कार्य पूरा करने के लिये जो प्रक्रिया अपनायी जाती है, उसे उस कार्य की विधि कहते हैं।

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  • उत्साहसम्पन्नमदीर्घसूत्रं क्रियाविधिज्ञं व्यसनेष्वसक्तम् ।
शूरं कृतज्ञं दृढसौह्रदं च लक्ष्मीः स्वयं याति निवासहेतोः ॥
जो व्यक्ति उत्साही है, शीघ्र कार्य सम्पन्न करने वाला है, व्यापार मे कुशल है, व्यसनों से दूर रहने वाला है, शूर, कृतज्ञ तथा मित्रता निभाने वाला होता है, धन संपत्ति की अधिष्ठात्री देवी लक्ष्मी स्वयं ऐसे गुणसम्पन्न व्यक्ति के यहां निवास करने की इच्छा रखती हैं।