मूल्यवृद्धि

समय के साथ अर्थव्यवस्था में मूल्य स्तर में वृद्धि

किसी अर्थव्यवस्था के सन्दर्भ में, किसी अवधि में, वस्तुओं तथा सेवाओं के सामान्य मूल्य-स्तर में लगातार वृद्धि मूल्यवृद्धि, महंगाई या स्फीति (inflation) कहलाती है। दूसरे शब्दों में, जब मूल्यवृद्धि होती है तो मुद्रा की एक नियत मात्रा देने पर पहले की अपेक्षा कम सामान या सेवाएँ प्राप्त होतीं हैं।

उक्तियाँसंपादित करें

  • वेतन की नीति मुख्यतः इस तरह बनायी जाती है कि वेतन को कम रखा जा सके न कि महंगाई रोकने के लिये। मूल्यस्फीति का उपयोग एक बहाने के रूप में किया जा रहा है ताकि श्रमिक संघ को स्वतंत्र होकर वार्ता करने की क्षमता खो दें। -- Tony Benn Speech in the House of Commons (Hansard, 7 November 1973, Col. 1015).
  • अनियंत्रित महंगाई मामूली सा कष्ट नहीं है। यह एक रोग है जो हर दिन को अस्तित्व को बचाने का संघर्ष बना देता है। यह लोगों के अन्दर की सबसे खराब चीजें सामने लाता है और यह हमारे राजनेताओं को और भी अर्थहीन बना देता है। वियतनाम युद्ध के समय जब अण्डों के दाम बढ़े तब राष्ट्रपति जॉनसन ने सर्जन जनरल से अण्डों के कोलस्ट्रॉल के खतरों के बारे एक चेतावनी प्रकाशित करवा दी, प्रयास यह था कि अण्डों की मांग और फलतः उनका मूल्य भी कम हो जाय। यह मिथक युद्ध के बाद भी समाप्त नहीं हुआ, और इसके कारण करोड़ों अमेरिकियों के स्वास्थ्य को नुक्सान पहुँचा है। -- Benjamin Braddock, The Dying Dollar, American Greatness, 18 December 2021
  • कम महंगाई तथा सरकार की कुशलता, आर्थिक विकास के लिये हानिकारक हो सकते हैं। -- Ha-Joon Chang Bad Samaritans: The Myth of Free Trade and the Secret History of Capitalism (2008) Prologue, p. xxv.
  • मूल्यवृद्धि इस अर्थ में सर्वत्र और सर्वदा एक मौद्रिक परिघटना है कि उत्पादन की मात्रा की अपेक्षा मुद्रा की मात्रा के तेजी से बढ़ाकर इसे (महंगाई को) पैदा किया जा सकता है। यदि मुद्रा की मात्रा में सतत किन्तु धीमी गति से वृद्धि की जाय तो अल्प महंगाई और अधिक विकास प्राप्त किया जा सकता है। -- Milton Friedman The Counter-Revolution in Monetary Theory (1970).
  • जैसे ही ब्याज समाप्त किया जाता है, मुद्रास्फीति अनावश्यक हो जाती है। -- Margrit Kennedy (1995) Interest and Inflation Free Money Chapter Two, Creating an Interest and Inflation Free Money, p. 41.
  • मौद्रिक नीति की अग्निपरीक्षा यह है कि वह मूल्यवृद्धि को कितना कम कर सकती है। -- Nigel Lawson Mansion House Speech (17 October, 1985).
  • मुद्रा की मात्रा में वृद्धि होना किन्तु मुद्रा की माँग में वृद्धि न होना ही मुद्रास्फीति है। -- Ludwig von Mises The Free Market and Its Enemies, speech to the Foundation for Economic Education[2] (1951).
  • अधिकांश पशिचिमी अर्थव्यवस्थाओं में, मुद्रास्फीति की दर और बेरोजगारी के स्तर में सीधा सम्बन्ध नहीं है बल्कि मुद्रास्फीति के परिवर्तन की दर और बेरोजगारी में परिवर्तन की दर में सीधा सम्बन्ध है। -- Paul Ormerod The Death of Economics (1994) Part II, अध्याय 6, Unemployment and Inflation, पृष्ठ 130.
  • जब मुद्रास्फीति और बेरोजगारी का वास्तविक सम्बन्ध समझ लिया जायेगा तब, भाग्य और कौशल के द्वारा, मुफ्त भोजन भी सम्भव हो सकता है। -- Paul Ormerod The Death of Economics Part II, Chapter 6, Unemployment and Inflation, पृष्ठ 13.

इन्हें भी देखेंसंपादित करें