रजनीश

आध्यात्मिक गुरु और भारतीय विचारक
(आचार्य रजनीश से अनुप्रेषित)

उक्तियाँ

सम्पादन
  • यहाँ कोई भी आपका सपना पूरा करने के लिए नहीं है। हर कोई अपनी तकदीर और अपनी हक़ीकत बनाने में लगा है।
  • जब प्यार और नफरत दोनों ही ना हो तो हर चीज साफ़ और स्पष्ट हो जाती है।
  • उस तरह मत चलिए जिस तरह डर आपको चलाये। उस तरह चलिए जिस तरह प्रेम आपको चलाये। उस तरह चलिए जिस तरह ख़ुशी आपको चलाये।
  • सवाल ये नहीं है कि कितना सीखा जा सकता है…इसके उलट, सवाल ये है कि कितना भुलाया जा सकता है।
  • अगर आप सच देखना चाहते हैं तो ना सहमती और ना असहमति में राय रखिये।
  • जीवन ठेहराव और गति के बीच का संतुलन है।
  • किसी से किसी भी तरह की प्रतिस्पर्धा की आवश्यकता नहीं है। आप स्वयं में जैसे हैं एकदम सही हैं। खुद को स्वीकारिये।
  • यदि तुम्हारे ह्रदय के तार मुझसे जुड़ गए हैं तो अनंतककाल तक आवाज़ देता रहूँगा।
  • यथार्थवादी बनो: चम्त्कार की योजना बनाओ।
  • तुम कहते हो की स्वर्ग में शाश्वत सौंदर्य है,शाश्वत सौंदर्य अभी है यहाँ ,स्वर्ग में नही।
  • तुम नही होगे,तब तुम पहली बार होगे ।
  • मसीहा को मरे जितना समय हो जाता है कर्मकांड उतना ही प्रबल हो जाता है। अगर आज बुद्ध जीवित होते तो तुम उन्हें पसंद न करते।
  • मेरी सारी शिक्षा दो शब्दो की है प्रेम और ध्यान।
  • पेड़ों को देखो, पक्षियों को देखो, बादलों में देखो, सितारों को देखो और अगर आपके पास आँखें है तो आप यह देखने में सक्षम होगे की पूरा अस्तित्व खुश है सब कुछ बस खुश है पेड़ बिना किसी कारण के खुश हैं; वे प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति बनने नहीं जा रहे हैं और वे अमीर बनने भी जा रहे हैं और ना ही कभी उनके पास बैंक बैलेंस होगा .. फूलों को देखिये,- बिना किसी कारण के कितने खुश और अविश्वसनीय है।
  • लोग बुद्ध को इतना प्रेम करते हैं कि वो उनका मज़ाक भी उड़ा सकते हैं. ये अथाह प्रेम कि वजह से है; इसलिए उनमे डर नहीं है।
  • जब मैं कहता हूँ कि आप लोग देवी-देवता हैं तो मेरा मतलब होता है कि आप में अनंत संभावनाएं है, आपकी क्षमताएं अनंत हैं।
  • जो भगवान अपने सामने रखे हुए दिये को नहीं जला सकता, वो तुम्हारे जीवन में प्रकाश कैसे ला सकता है।
  • जो निःशुल्क है वह सबसे ज्यादा किमती है,
  • नींद, शांति, आनंद, हवा, पानी,प्रकाश और सबसे ज्यादा किमती हमारी सांसें ।


  • जहाँ भय समाप्त हो जाता है वहाँ जीवन शुरू होता है।
  • आप जो है वही रहो कुछ बनने की कोशिश मत करे।
  • मैं प्यार करता हूं, क्योंकि मेरा प्यार किसी वस्तु पर निर्भर नहीं है। मेरा प्रेम, मेरे प्रेम में होने की अवस्था पर निर्भर है।
  • जीवन जुआ है, केवल जुआरी ही जीवन को जान सकता है।
  • किसी के जैसा बनने की कोशिश न करे, क्योंकि पहले से ही आप अनमोल है। आप में सुधार की कोई जरुरत नहीं है। आपको इसे जानने के लिए, अनुभव के लिए अपने पास आना होगा।
  • डर हमेशा किसी न किसी न किसी इच्छा से पैदा होता है। तुम एक प्रसिद्ध आदमी बनना चाहते हो, दुनिया का सबसे प्रसिद्ध आदमी है। अगर नहीं बन पाए तो भय पैदा होता है।
  • ये ध्यान के गुण हैं, एक ध्यानी व्यक्ति के लिए जीवन एक खेल है। जीवन उसके लिए मौज़ है, जीवन एक लीला है, एक नाटक है। वह उसका आनन्द लेता है। वह गंभीर नहीं है। वह तनावमुक्त है।
  • सत्य ऐसी कोई चीज नहीं है जिसे बाहर खोजा जाय, यह भीतर महसूस की जाने वाली चीज है।
  • रचनात्मकता अस्तित्व में सबसे बड़ा विद्रोह है।
  • साहस अज्ञात के साथ एक प्रेम संबंध है।
  • भय हमेशा भविष्य के लिए होता है। भय कभी वर्तमान में नहीं होता।
  • मेरा ध्यान सरल है। इसके लिए किसी तरह की जटिल प्रक्रिया की आवश्यकता नहीं है। यह आसान है। जैसे कोई गा रहा है। जैसे कोई नाच रहा है। जैसे कि कोई चुपचाप बैठा है।
  • असली सवाल यह नहीं है कि मृत्यु के बाद जीवन मौजूद है या नहीं। असली सवाल यह है कि क्या आप मृत्यु से पहले सचेत होकर जीये।
  • जो व्यक्ति अपरिपक्व होते है वे प्यार में पड़ने के बाद एक-दूसरे की स्वतंत्रता को नष्ट कर देते है, बंधन बना देते हैं, एक दूसरे को कैद कर लेते है। परिपक्व व्यक्ति प्यार में एक-दूसरे को मुक्त होने में मदद करते हैं, वे सभी प्रकार के बंधनों को नष्ट करने के लिए एक-दूसरे की मदद करते हैं। और जब प्रेम स्वतंत्रता के साथ बहता है तो उसमे एक सुंदरता होती है। जब प्रेम निर्भरता के साथ बहता है तो उसमे एक कुरूपता होती है।
  • तुम जहां भी मृत्यु को महसूस करते हो, उसे महसूस करो। उससे बचो मत। मृत्यु सुंदर है, मृत्यु सबसे बड़ा रहस्य है, जीवन से ज्यादा रहस्यमय। जीवन के माध्यम से आप दुनिया को हासिल कर सकते हैं, जो निरर्थक, व्यर्थ और बेकार दुनिया है। मृत्यु के माध्यम से आप अनन्त को प्राप्त कर सकते हैं। मृत्यु द्वार है।
  • आपका पूरा विचार अपने बारे में दूसरे से लिया गया उधार है। यह उन लोगों से उधार लिया गया है जिन्हें अपने बारे में ख़ुद पता नहीं हैं।
  • जहां तक मेरा प्रश्न है, मैंने कभी भी कुछ आयोजित नहीं किया। बस जिया हूं एक विस्मय के साथ कि मालूम नहीं आगे क्या होने वाला है।
  • दर्द से बचने वाले, आनंद से भी बच जाते है। मृत्यु से बचने वाले, वे जीवन से भी बच जाते हैं।
  • मैं अपना जीवन 2 सिद्धांतों पर जीता हूं। पहला, मैं ऐसे जीता हूं जैसे कि पृथ्वी पर आज मेरा आखिरी दिन है। दूसरा, मैं ऐसे जीता हूं जैसे मैं हमेशा के लिए जीने वाला हूं।
  • मित्रता सबसे शुद्ध प्रेम है। यह प्रेम का उच्चतम रूप है जहां कुछ भी मांगा नहीं जाता है, कोई भी शर्त नहीं होती, जहां बस देने में आनंद आता है।
  • तुम पूछते हो मेरा क्या काम है मेरा काम एक ही है तुम्हारा नशा तोड़ना है और तुम्हारा यह नशा अगर टूट जाए तो मै तुम्हें उस नशे की तरफ ले जाना चाहता हु, जिसको एक बार पीने से उसका नशा टूटता ही नहीं।
  • सभी के अंदर साधारण कारण से आत्महत्या करने की एक गहरी इच्छा होती है, उन्हें जीवन निरर्थक प्रतीत होता है। लोग जीवित रहते हैं, इसलिए नहीं कि वे जीवन से प्यार करते हैं, वे सिर्फ इसलिए जीते हैं क्योंकि वे आत्महत्या करने से डरते हैं।
  • जहां कोई पसंद और नापसंद नहीं होता है, तभी आप चीजों को स्पष्ट देख सकते हैं। फिर आपके पास स्पष्टता होती है। आप चीजों को वैसे देखते है जैसे वह है। -ओशो
  • जोखिम के बिना जीवन में कुछ भी कभी प्राप्त नहीं होता है। जितना अधिक आप जोखिम उठाते हैं, उतना ही आप भगवान के करीब होते हैं। जब आप सब कुछ दांव पर लगा देते हो फिर सब कुछ आपका हो जाता है।
  • सवाल ज्यादा सीखने का नहीं है। इसके विपरीत सवाल यह है की कितना हम भुला सके।
  • जीवन को समझने की कोशिश मत करो। बस जीयो! प्यार को समझने की कोशिश मत करो। प्यार में डुबो। तब तुम जानोगे – और वह सब जानना तुम्हारे अनुभव से आयेगा। जितना अधिक आप जानोगे, उतना ही लगता है अभी बहुत जानने को शेष है।
  • प्रेम लक्ष्य है, जीवन यात्रा है।
  • वृक्षों को देखो, पक्षियों को देखो, बादलों को देखो, तारों को देखो … और अगर तुम्हारी आंखें हैं तो तुम देख सकोगे कि पूरा अस्तित्व आनंदमय है। सब कुछ बस आंनदित है।
  • तुम जीवन का अर्थ तभी पाओगे, यदि तुम इसे निर्माण करते हैं। यह एक कविता है जिसकी रचना की जानी है। यह एक गीत है जिसे अभी गाया जाना है। यह एक नृत्य है जिसे अभी किया जाना है।
  • किसी के पास दो कदम एक साथ उठाने की शक्ति नहीं है, आप एक बार में केवल एक ही कदम उठा सकते हैं।
  • सच्चाई यह है कि अस्तित्व चाहता है कि आपका जीवन एक उत्सव बन जाय क्योंकि जब आप दुखी होते हैं, तो आप अपने चारों ओर दुःख ही फ़ैलाते हो।
  • यदि आप किसी व्यक्ति से प्यार करते हैं, आप उस व्यक्ति को पूरी तरह स्वीकार करे। उसके सभी दोषों के साथ।
  • दुनिया में इस विचार के साथ मत जीना कि क्या होने वाला है। चाहे आप जीतने वाले हो या हारने वाले, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। मौत सब कुछ छीन लेती है। चाहे आप हारें या जीतें ये मायने नहीं रखता। केवल एक चीज जो मायने रखती है, वह यह है कि आपने खेल कैसे खेला है।
  • आपको शक्ति की आवश्यकता तब होती है जब कुछ हानिकारक करना होता है। अन्यथा प्रेम पर्याप्त है, करुणा पर्याप्त है।
  • बुद्धि ध्यान से आती है, बुद्धि विद्रोह से आती है, बुद्धि स्मृति से नहीं आती है।
  • मेरा संदेश छोटा सा है, आनंद से जियो और जीवन के समस्त रंगों को जिओ।
  • मेरे पूरे शिक्षा दो शब्दो पर आधारित हैं, ध्यान और प्रेम। ध्यान करें ताकि आप असीम मौन को महसूस कर सकें, और प्यार कर सकें ताकि आपका जीवन एक गीत, एक नृत्य, एक उत्सव बन सके।
  • जिस चीज से आपको डर लगे, वहां तलाशने की कोशिश करें और आप पाएंगे कि सभी डर में मौत का डर छिपा है। सब भय मृत्यु का है। मृत्यु एकमात्र भय का स्रोत है।
  • प्यार में दूसरा महत्वपूर्ण है, वासना में तुम महत्वपूर्ण हो।
  • लोग सोचते हैं कि जो लोग आत्महत्या करते हैं, वे जीवन के खिलाफ हैं। वे नहीं हैं। वे जीवन के लिए बहुत लालसा से भरे हैं, उनके पास जीवन के लिए बड़ी लालसा है और क्योंकि जीवन उनकी वासना को पूरा नहीं कर रहा है, क्रोध में, निराशा में, वे खुद को नष्ट करते हैं।
  • कभी भी किसी के जीवन में हस्तक्षेप न करें और किसी को भी अपने जीवन में हस्तक्षेप करने की अनुमति न दें।
  • भीड़ भ्रम पैदा करती है।
  • जितनी संभव हो उतनी गलतियाँ करें, केवल एक ही बात याद रखें, फिर से वही गलती न करें। और जीवन में आप आगे बढ़ते जाओगे।
  • जीवन कोई समस्या नहीं है। इसे एक समस्या के रूप में देखना गलत कदम उठाना है। यह एक रहस्य है जिसे जीना है, प्यार करना, अनुभव करना है।
  • जिस क्षण आप जीवन को गैर-गंभीर, एक खेल के रूप में देखना शुरू करते हैं, आपके दिल से सारा बोझ गायब हो जाता है। मृत्यु का भय, जीवन का, प्रेम का सब कुछ मिट जाता है।
  • कल कभी नहीं आता, हमेशा आज आता है।
  • आदमी बुद्ध उसी क्षण हो जाता है, जब वह उन सभी चीजों को कृतज्ञता के साथ स्वीकार लेता है, जो उसे जीवन देती है।
  • किसी चीज़ की इच्छा करने से पहले सोचें। इस बात की पूरी संभावना है कि वह पूरी हो जाएगी और फिर आपको दुःख होगा।
  • मन, एक सुंदर सेवक है, लेकिन एक खतरनाक मालिक।
  • एक व्यक्ति जो जीवित है, वह वास्तव में तभी जीवित है, जब वह अज्ञात में चलने लिए तैयार हो। वहाँ खतरा है लेकिन वह जोखिम उठाएगा।
  • दिल हमेशा जोखिम के लिए तैयार रहता है, दिल तो तो एक जुआरी है। दिमाग़ एक व्यवसायी है। दिमाग़ हमेशा गणना करता है – यह चालाक है। हृदय गणना नही करता।
  • जब आप प्यार करते हैं, तो प्यार ऐसे करे जैसे कि वह व्यक्ति भगवान हो, उससे कम नहीं। स्त्री को स्त्री के रूप में कभी प्यार मत करो और पुरुष को पुरुष के रूप में कभी प्यार मत करो।
  • तनाव का मतलब है कि आप कुछ और बनना चाहते हैं जो आप नहीं हैं।
  • जीवन का अपने आप में कोई अर्थ नहीं है। जीवन अर्थ सृजन का अवसर है।
  • बुद्ध, बुद्ध हैं। कृष्ण, कृष्ण हैं और तुम, तुम हो। और आप किसी भी तरह से किसी से कम नहीं हैं। खुद का सम्मान करें, अपनी आंतरिक आवाज का सम्मान करें और उसका पालन करें। -ओशो
  • दुनिया को बेहतर बनने में मदद करें। दुनिया को वैसे ही मत छोड़ो जैसा आपने पाया है – इसे थोड़ा बेहतर बनाए, इसे थोड़ा और सुंदर बनाए।
  • मन के पास ज़बाब नहीं है, मन केवल सवालों से भरा पड़ा है। ध्यान सभी सवालों का ज़बाब हैं।
  • दुख, हताशा, क्रोध, निराशा, चिंता, पीड़ा, दुख के साथ एकमात्र समस्या यह है कि आप उनसे छुटकारा चाहते हैं। यही एकमात्र बाधा है। आपको उनके साथ रहना होगा। आप इससे भाग नहीं सकते। ऐसी स्थिति में ही जीवन एकीकृत और विकसित होती है। ये जीवन की चुनौतियां हैं। उन्हें स्वीकार करो। वे आशीर्वाद हैं। अगर आप उनसे बचना चाहते हैं, अगर आप किसी तरह से उनसे छुटकारा पाना चाहते हैं, तो फिर समस्या पैदा होती है क्योंकि अगर आप किसी चीज से छुटकारा पाना चाहते हैं तो आप उसे सीधे तौर पर कभी नहीं देख सकेंगे।
  • ध्यान क्या है, अपने एकांत का आनंद लेना। खुद का उत्सव मनाना।
  • उत्सव मनाने वाले बनो, जश्न मनाओ! पहले से ही यहाँ बहुत कुछ है – फूल खिल रहे हैं, पक्षी गा रहे हैं, सूरज आकाश में चमक रहा है – उत्सव मनाओ! आप सांस ले रहे हो और आप जीवित हैं और आपके पास चेतना है, उत्सव मनाएं!
  • जो जानता है, वह जानता है कि प्रवचन करने की कोई आवश्यकता नहीं है, जानना काफी है।
  • व्यक्ति से प्यार करो लेकिन व्यक्ति को पूरी स्वतंत्रता दो। व्यक्ति से प्यार करें लेकिन आप स्पष्ट हो कि इसके लिए आप अपनी स्वतंत्रता नहीं बेचेगे।
  • यदि आप तर्क से बहुत अधिक चिपकते हैं, तो आप कभी भी उस जीवित प्रक्रिया का हिस्सा नहीं बन पाएंगे जो यह अस्तित्व है। जीवन तर्क से अधिक है। जीवन विरोधाभास है, जीवन रहस्य है।
  • पहली बात याद रखना। सृजन और सृजनकर्त्ता, दो नहीं हैं, वे एक ही हैं।
  • डर का मतलब हमेशा अज्ञात का डर होता है। डर का मतलब हमेशा मौत का डर होता है। डर का हमेशा मतलब होता है खो जाने का डर – लेकिन अगर आप वास्तव में जीवित रहना चाहते हैं, तो आपको खो जाने की संभावना को स्वीकार करना होगा।
  • आपको क्या रुलाता है? यह सिर्फ आपका चीजों के प्रति लगाव है। वह क्या चीज है जिसे आपको खोने का डर है। उन चीजों के बिना धीरे-धीरे जीने की कोशिश करें जिन्हें आप अब सोचते हैं कि आप उसके बिना नहीं रह सकते। अपने भीतर एक स्थिति पैदा करें कि अगर ये चीजें जब खो जायेगी, तो आपके अंदर थोड़ा भी कंपन न हो। तभी आप चीजों के लगाव से मुक्त हो पायेगे।
  • बुद्धिमान व्यक्ति वह है जो कहीं और जाने से पहले, अपने भीतर जाएगा। यह उसकी पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। केवल आप स्वयं को जब जानते हैं तो आप कहीं और जा सकते हैं। फिर आप जहां भी जाते हैं, अपने चारों ओर एक शांति, उत्सव मनाते हुए जाते हैं।- ओशो
  • परिवार एक सबसे बड़ा जाल है जिसे समाज ने सदियों से मनुष्य को गुलाम बनाए रखने के लिए इस्तेमाल किया है।
  • जहाँ भय समाप्त हो जाता है वहाँ जीवन शुरू होता है।
  • जब भी कोई ऐसी स्थिति पैदा होती है जो डर पैदा करती है, तो आपके पास दो विकल्प हैं- या तो आप उससे लड़ें या आप उड़ान भरें।
  • कमल के फूल की तरह हो जाओ। पानी में रहो और पानी तुम्हें छुए मत।
  • साधारण प्रेम एक माँग है, वास्तविक प्रेम बांटना है। यह मांग को नहीं जानता, यह केवल देने की खुशी जानता है।
  • भगवान कोई तपस्वी नहीं है, नहीं तो फूल नहीं होते, हरे वृक्ष नहीं होते, केवल रेगिस्तान होते। ईश्वर कोई तपस्वी नहीं है, अन्यथा जीवन में कोई गीत नहीं होता, जीवन में कोई नृत्य नहीं होता – केवल कब्रिस्तान और केवल कब्रिस्तान होते । ईश्वर कोई तपस्वी नहीं है। भगवान जीवन का आनंद लेते हैं।
  • आप जिसे पाप कहते हैं, वे गलतियों के अलावा कुछ भी नहीं है। और गलतियाँ सीखने का तरीका है। वे लोग जो कभी गलती नहीं करते हैं वे सबसे बेवकूफ लोग हैं।
  • दुनिया कुछ नहीं बल्कि आपके मन का ही प्रतिबिम्ब है।
  • पूरब असफल रहा है क्योंकि उसने बिना प्रेम के ध्यान की कोशिश की। पश्चिम विफल रहा है क्योंकि उसने बिना ध्यान के प्रेम की कोशिश की। मेरा पूरा प्रयास आपको दोनों देने को है- जिसका अर्थ है ध्यान और प्रेम।
  • आपका मन एक बगीचा है, आपके विचार बीज हैं। या तो आप फूल उगा सकते हैं या शोक पैदा कर सकते हो।
  • आपको किसी से कुछ भी मांगने का कोई अधिकार नहीं है। यदि कोई आपसे प्यार करता है, तो उसका आभारी रहें, लेकिन कुछ भी मांग न करे क्योंकि दूसरे को अपने आप से प्यार करने के लिए बाध्य नहीं कर सकते है। अगर कोई आपसे प्यार करता है, तो यह एक चमत्कार है। चमत्कार से रोमांचित हो।
  • जहां ध्यान नहीं, वहां जीवन नहीं। ध्यान को जानो, जीवन को जानो।
  • यह पैसा, शक्ति और प्रतिष्ठा का सवाल नहीं है। सवाल यह है कि आप आंतरिक रूप से क्या करना चाहते हैं। उसे करें, चाहे परिणाम कुछ भी हो, और आपकी बोरियत दूर हो जाएगी।
  • पृथ्वी पर लाखों लोग रहते हैं, और हम उनके नाम भी नहीं जानते हैं। उस सरल तथ्य को स्वीकार करें। आप यहां केवल कुछ दिनों के लिए हैं और फिर आप चले जाएंगे। इन कुछ दिनों को डर में, पाखंड में बर्बाद मत करो। इन दिनों को आनन्दित में जियो ।
  • मृत्यु के पार जाने का एकमात्र उपाय मृत्यु को स्वीकार कर लो। फिर वह विलीन हो जाता है। निडर होने का एकमात्र तरीका भय को स्वीकार करना है। तब ऊर्जा मुक्त हो जाती है और वह आपकी स्वतंत्रता बन जाती है।
  • रचनात्मकता व्यक्तिगत स्वतंत्रता की खुशबू है।
  • अंधेरा सुंदर है। इसमें जबरदस्त गहराई, मौन, अनंतता है। प्रकाश आता है और चला जाता है, अंधकार हमेशा बना रहता है, यह प्रकाश की तुलना में अधिक शाश्वत है। प्रकाश के लिए आपको ईंधन की आवश्यकता होती है। अंधेरे के लिए ईंधन की जरूरत नहीं है – यह बस वहाँ है।
  • एक रचनात्मक व्यक्ति वह है जिसके पास अंतर्दृष्टि है, जो उन चीजों को देख सकता है जो पहले किसी और ने नहीं देखी हैं, जो उन चीजों को सुन सकता है जो पहले किसी ने नहीं सुनी हैं – फिर रचनात्मकता पैदा होती है।
  • अंधकार प्रकाश का अभाव है। अहंकार जागरूकता का अभाव है।
  • जीवन में कुछ भी कभी भी व्यर्थ नहीं जाता है, विशेष रूप से सत्य की ओर उठाए गए कदम।
  • अगर आप जिंदा हो तो नाचो। अगर आप जीवित है तो आनंदपूर्वक सांस लो। गाओ अगर आप जीवित है। प्रेम, ध्यान करो अगर आप जीवित है।
  • आपका आधा जीवन अतीत और बाकी आधा जीवन भविष्य के बारे में सोचने में बीत जाता है। और जीवन की यात्रा कभी शुरू ही नहीं होती।
  • मन आखिर क्यों हस्तक्षेप करता है? क्योंकि मन समाज द्वारा निर्मित होता है। यह आपके भीतर समाज का एजेंट रूप में है, यह आपकी सेवा करने के लिए नहीं है।
  • परम रहस्यों के द्वार केवल उनके लिए खुल जाता है जिनके पास असीम धैर्य है।
  • केवल अनुशासित लोग स्वतंत्र हो सकते हैं, लेकिन उनका अनुशासन दूसरों के लिए आज्ञाकारिता नहीं होनी चाहिए। उनका अनुशासन उनकी अपनी आंतरिक आवाज़ का पालन हो। और वे इसके लिए कुछ भी करने को तैयार हो।
  • आप जो भी करते हैं, उसे गहरी सतर्कता के साथ करे। तब छोटी-छोटी चीजें भी पवित्र हो जाती हैं। फिर खाना बनाना या सफाई करना पवित्र हो जाता है, वे पूजा बन जाता हैं। यह सवाल नहीं है कि आप क्या कर रहे हैं, सवाल यह है कि आप इसे कैसे कर रहे हैं।
  • यदि आप बुद्धिमान हैं, यदि आप सतर्क हैं, तो साधारण भी असाधारण हो जाता है।
  • ज़ेन ध्यान का सबसे शुद्धतम रूप है। बस चुपचाप बैठो, कुछ भी मत करो।
  • आजादी से ज्यादा किसी को कुछ भी पसंद नहीं है। यहां तक ​​कि प्रेम भी स्वतंत्रता के बाद आता है। स्वतंत्रता का मूल्य सर्वोच्च है। स्वतंत्रता के लिए प्रेम का त्याग किया जा सकता है लेकिन प्रेम के लिए स्वतंत्रता का त्याग नहीं किया जा सकता।
  • यदि आप किसी भी मार्ग पर चलते हैं अगर वह मार्ग आपके लिए खुशी लाता है, अधिक संवेदनशीलता, साक्षी, ​​और असीम कल्याण की भावना से भर देता है, यही एकमात्र मानदंड है कि आप सही रास्ते पर जा रहे हैं। और यदि आप अधिक दुखी, अधिक क्रोधित, अहंकारी, अधिक लालची, अधिक वासना के शिकार हो जाते हैं, तो यह संकेत हैं कि जो आप गलत रास्ते पर जा रहे हैं।
  • सत्य को बौद्धिक प्रयास से नहीं पाया जा सकता क्योंकि सत्य एक सिद्धांत नहीं है, यह एक अनुभव है।
  • जब प्यार और नफरत दोनों ही ना हो तो हर चीज साफ़ और स्पष्ट हो जाती है।
  • आनंद आध्यात्मिक घटना है। यह खुशी या खुशी से पूरी तरह से अलग है। इसका बाहर के साथ, दूसरे के साथ कुछ भी लेना देना नहीं है, यह एक आंतरिक घटना है।
  • एकांत तुम्हारा स्वभाव है। तुम अकेले पैदा हुए, तुम अकेले ही मरोगे। और आप अकेले जी रहे हैं, बिना इसे पूरी तरह से समझे बिना, बिना पूरी जागरूकता के। आप एकांत को अकेलेपन के रूप में गलत समझते हैं। यह केवल एक गलतफहमी है। आप खुद के लिए पर्याप्त हैं।
  • दुख एक संकेत है कि आप संघर्ष में हैं।
  • आपके पास निश्चित विचार हैं कि क्या होना चाहिए। और अगर जीवन आपके अनुसार नहीं चल रहा है, तो आपको लगता है कुछ गलत हो रहा है। कुछ भी गलत नहीं हो रहा है। जीवन अपने आप चल रहा है, केवल आपके कुछ निश्चित विचार हैं। इसलिए उन निश्चित विचारों को छोड़ दें। ज़िन्दगी कभी भी आपका पालन नहीं करने वाली है। आपको ज़िन्दगी का पालन करना है। तो अगर यह अव्यवस्थित है, तो अव्यवस्थित होने दो। तुम क्या कर सकते हो?
  • बिता हुआ कल एक स्मृति है, भविष्य एक कल्पना है। केवल वर्तमान ही समय है। अतीत नहीं है, वह पहले ही जा चुका है। भविष्य नहीं है, यह अभी तक नहीं आया है। केवल वर्तमान है।- ओशो
  • चुनने की कोई जरूरत नहीं है। आप बिना चुनाव के क्यों नहीं जीते? जो जीवन आपको देता है, उसके साथ आप क्यों नहीं जीते? आध्यात्मिक मत बनो और न ही भौतिकवादी बनो, बल्कि दोनों बनो। जोरबा मत बनो और न ही बुद्धा बनो, बल्कि दोनों बनो, ज़ोरबा द बुद्धा। उस सभी का आनंद लो जो भगवान ने आपके ऊपर बरसाया है।
  • काम को खेल के रूप में करें और इसका आनंद लें। सब कुछ एक चुनौती है। बस इसे करना है इसलिए मत कीजिये।
  • जो लोग जो कभी गलती नहीं करते, वे कभी कुछ नहीं सीखते, वे कभी आगे नहीं बढ़ते। विकास के लिए गलतिया करने की हिम्मत होनी चाहिए। इस पल से ही केवल वही करें जो आप करना चाहते हैं, चाहें आपको इसके लिए कोई भी कीमत चुकानी पड़े।
  • अपना गीत गाओ और अगर कोई नहीं सुनता है, तो इसे अकेले गाओ और इसका आनंद लें।
  • प्रशिक्षण की आवश्यकता है, लेकिन प्रशिक्षण लक्ष्य नहीं है। प्रशिक्षण सिर्फ एक साधन है।
  • जब तुम मरते हो, केवल तुम मरते हो – तुम्हारी जगह कोई नहीं मरता। तुम्हारी मृत्यु बिल्कुल व्यक्तिगत होगी। मृत्यु केवल एक ही बात साबित करती है, कि प्रत्येक व्यक्ति अलग-अलग है। और मृत्यु तुम्हारी होने वाली है, तो जीवन किसी और का कैसे हो सकता है? आप उधार जीवन नहीं जी सकते, आपको अपना जीवन जीना है। -ओशो
  • जीवन एक उत्सव बन सकता है यदि आप जानते हैं कि चिंता के बिना कैसे जीना है। अन्यथा जीवन एक लंबी बीमारी बन जाता है, एक बीमारी जो केवल मृत्यु की तरफ ले जाती है।
  • अपने भीतर जाएँ, लेकिन भय के कारण नहीं बल्कि प्रेम के कारण अपने भीतर जाए।
  • ये पेड़ अधैर्य रूप से नहीं उगते हैं। वे एक अनुग्रह के साथ, धैर्य के साथ, विश्वास के साथ बढ़ते हैं। आपके दिमाग के सिवाय कहीं कोई हड़बड़ी नहीं है। यदि आप वास्तव में शांति और आनंद की स्थिति में रहना चाहते हैं, तो आपको चीजों को जल्दी से हासिल करने के लिए अपनी पुरानी आदत को छोड़ना होगा।
  • अकेलेपन का मतलब है कि आप भीड़ पर, दूसरे पर निर्भर हैं। एकांत का मतलब है कि आप खुद से खुश हैं, आप किसी पर निर्भर नहीं हैं। जिस क्षण तुम निर्भर नहीं हो, तुम सम्राट हो।
  • कोई तुम्हारा दुख पैदा नहीं कर रहा है, कोई भी दुख पैदा नहीं कर सकता है और कोई भी आपके आनंद का सृजन भी नहीं कर सकता है। यह पूरी तरह से व्यक्तिगत घटना है।
  • यह एकमात्र गरीबी है। स्वयं की अज्ञानता, इसके अलावा कोई अन्य गरीबी नहीं है।
  • यह उत्तर है, पल-पल जीओ और तुम बुद्ध बन जाओगे।
  • ध्यान के मार्ग पर, कल्पना एक बाधा है। प्यार के रास्ते पर कल्पना सहायक है।
  • कल्पना का सीधा सा मतलब है कि आप एक निश्चित चीज़ की कल्पना करते हैं लेकिन आप उसमें इतनी ऊर्जा डालते हैं कि वह लगभग वास्तविक हो जाती है।
  • प्रसिद्धि पाना मूर्खता पूर्ण है, व्यर्थ है, निरर्थक है। अगर पूरी दुनिया तुम्हें जान भी ले, फिर भी यह तुम्हें कैसे अमीर बनाता है? कैसे तुम्हे आनंदित करता है? यह तुम्हें कैसे अधिक समझने, अधिक जागरूक होने में, अधिक सतर्क रहने के लिए, अधिक जीवित रहने के लिए मदद करता है?
  • याद रखें, यह दर्द आपको दुखी करने के लिए नहीं है। लोग यह समझ नहीं पाते है। यह दर्द बस आपको और अधिक सतर्क करने के लिए है – क्योंकि लोग केवल तब ही सतर्क होते हैं जब तीर उनके दिल में गहरा चला जाता है और उन्हें घाव करता है।
  • यदि हम केवल जीवन के तथ्यों पर कड़ी नज़र डालें, तो हमें पता चलेगा कि, वास्तव में, कुछ भी हमारे हाथ में नहीं है यहां तक हमारे हाथ हमारे हाथ में भी नहीं है। बस अपने हाथ को अपने हाथ से पकड़ने की कोशिश करें और आपको वास्तविकता पता चल जाएगी। वास्तव में, कुछ भी हमारी शक्ति में नहीं है। फिर “मैं” और और “मेरा” कहने का क्या मतलब है? यहाँ सब कुछ हो रहा है। -ओशो
  • योग एक विधि है जो हमें सपनों से बाहर लाता है। योग एक विज्ञान है जो हमें यहाँ और अभी होना सिखाता है।
  • सत्य का आपके विश्वास से कोई लेना-देना नहीं है! आप माने या न माने इससे सत्य पर कोई फर्क नहीं पड़ता। -ओशो
  • आपको अस्तित्व का आभारी होना चाहिए कि उसने आपको कुछ खूबसूरत बच्चों के लिए, एक मार्ग के रूप में चुना है। लेकिन आपको बच्चों की क्षमता पर हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। न ही आपने आप को उन पर थोपना चाहिए।
  • अधिक जियो और अधिक तीव्रता के साथ जियो। खतरा में जियो। यह आपका जीवन है, इसे किसी भी तरह की मूर्खता के लिए बलिदान मत करो जो आपको सिखाया गया है। यह तुम्हारा जीवन है, इसे जीओ। इसे शब्दों, सिद्धांतों, देशों, और राजनीति के लिए बलिदान मत करो। – ओशो
  • आपकी सभी परेशानियां आपके मन के कारण होती हैं। आपके विचार, आपका तर्क, बहस, आपका जुनून और आश्चर्य।
  • केवल एक चीज आपको सीखनी है वह है देखना। देखें! अपने किये हर कार्य को देखें। अपने मन में गुजरने वाले हर विचार को देखें। हर उस इच्छा को देखें जो आपको ग़ुलाम बना लेती है।
  • किसी भी चीज का मूल्य कहां से आता है? यह आपकी इच्छा से आता है। यदि किसी चीज़ को चाहते हैं, तो यह मूल्यवान है। यदि आप इसकी इच्छा नहीं रखते हैं, तो उसका मूल्य गायब हो जाता है। मूल्य किसी चीज में नहीं है, यह आपकी इच्छा में है।
  • सच्ची प्रार्थना केवल धन्यवाद देना है। बस एक साधारण सा धन्यवाद पर्याप्त है।
  • आप अच्छा महसूस करते हैं या आप बुरा महसूस करते हैं, ये भावनाएँ आपके अपने अतीत के अवचेतन से आती है, इसके लिए आपके अलावा कोई भी जिम्मेदार नहीं है। कोई भी आपको क्रोधित नहीं कर सकता है, और कोई भी आपको खुश नहीं कर सकता है।
  • ऐसा नहीं है कि आप किसी सुंदर व्यक्ति के प्रेम में पड़ जाते हैं। प्रक्रिया इसके ठीक विपरीत है। जब आप किसी व्यक्ति के प्यार में पड़ते हैं, तो वह व्यक्ति सुंदर दिखता है। यह प्यार है, जो सुंदरता का विचार लाता है।
  • हर कोई रचनात्मक की शक्ति के साथ पैदा होता है, लेकिन बहुत कम लोग रचनात्मक बने रहते हैं।
  • आप कभी भी उतना पीड़ित नहीं होते हैं जितना आप कल्पना करते हैं कि आप पीड़ित हैं। आप उन बीमारियों से ग्रस्त भी नहीं होते हैं जिनसे आप सबसे ज्यादा डरते हैं और न ही उन दुखों से जिन्हें आप डरते हैं।
  • जो भी है उसे स्वीकार करो, और जब तुम बिना शर्त स्वीकार कर लेते हो, तब सब कुछ सुंदर हो जाता है।
  • प्रत्येक व्यक्ति एक विशिष्ट नियति के साथ इस दुनिया में आता है – उसे कुछ पूरा करना है, कुछ संदेश देना है, कुछ काम पूरा करना है। आप अकस्मात् यहाँ नहीं आये हैं। इसके पीछे एक उद्देश्य है। अस्तित्व का पूरा इरादा आपके माध्यम से कुछ करने का है।
  • सबसे बड़ा रोमांच चाँद पर जाना नहीं है – सबसे बड़ा रोमांच आपके अपने अंतरतम में जाना है।
  • हर इंसान का मन को तुम उसे चाहें जितना भी भरते चले जाओ, वह खाली ही रहता है। अगर आपको पूरी दुनिया भी मिल जाय तो भी आपका मन खाली का खाली रहता है।
  • परम ध्यान है, यथार्थ के प्रति समर्पण। जितना आप अधिक लड़ते हैं, उतना अधिक आप संघर्ष करते हैं और उतना ही आप हारे हुए महसूस करेंगे। गहरे समर्पण में, अहंकार मिट जाता है। और जब अहंकार नहीं होता है, तब पहली बार तुम उसके प्रति सजग होते हो, जो तुम हो।
  • जब तक आप बिना कारण के, बिना किसी मकसद के, कुछ करना शुरू नहीं करते, आप धार्मिक नहीं हो सकते। जिस दिन आपके जीवन में बिना किसी कारण के कुछ घटित होने लगता है, जब आपकी क्रिया कोई मकसद या शर्त से जुड़ी नहीं होती है, जब आप बस प्यार और आनंद के लिए कुछ करते है, तब आपको पता चलता है कि धर्म क्या है, ईश्वर क्या है।
  • प्रत्येक क्षण, आप जो भी कर रहे हैं, उसे पूरी समग्रता से करें। साधारण चीजें – स्नान करना हो, बैठे है, टहल रहे है, उस समय पूरी दुनिया को भूल जाओ। फिर किसी ध्यान की आवश्यकता नहीं है।
  • ध्यान से बड़ा कोई विलास नहीं है। ध्यान अंतिम विलासिता है क्योंकि यह परम प्रेम संबंध है।
  • जब अहंकार नहीं होता है, तो आप पहली बार अपने होने का अनुभव करते हैं। वह शून्य है। तब तुम समर्पण कर सकते हो, तब आपने आत्मसमर्पण कर दिया है।
  • जीवन मिला है और तुम केवल जीविका ही जुटा रहे हो। जीवन को रोजी, रोटी, कपड़ा जुटाने और मकान बनाने में ही बिता दोगे। मैं यह नहीं कहता कि यह जरूरी नहीं है। रोटी भी जरूरी है, कपड़ा भी जरूरी है, मकान भी जरूरी है। यह सीढ़ियां है इनका उपयोग कर लो लेकिन मंदिर को मत भूल जाना। जीविका कमा लेना जीवन नहीं है, जीविका तो शरीर के लिए जरुरी है और जीवन तो आत्मा का होता है।
  • प्रेम और युद्ध में यही अंतर है, युद्ध दूसरे को मिटाकर जीता जाता है, प्रेम खुद को मिटा कर जीता जाता है। युद्ध में मिली जीत भी हार है और प्रेम में मिली हार भी जीत के समान है। -ओशो
  • यदि आप फूल को प्रेम करते हो, तो उसे तोड़े नहीं क्योंकि जैसे आप इसे तोड़ते हो, वह मर जाता है। प्रेम वही समाप्त हो जाता है। इसलिए यदि आप एक फूल से प्रेम करते हैं तो उसे वैसे ही रहने दें। प्यार का मतलब कब्ज़ा करना नहीं है। प्यार तो प्रशंसा के बारे में है।
  • इस जगत में इतनी भी मूल्यवान कोई भी चीज नहीं है कि तुम उसके लिए झगड़ो, हिंसा करो। कौड़ियों के लिए लड़ो मत। कौड़ियों के लिए लड़कर आत्मा के बहुमूल्य हीरे को मत गवाओ।
  • अपने जीवन पर पकड़ बनाओ। देखों कि पूरा अस्तित्व जश्न मना रहा है। ये पेड़ गंभीर नहीं हैं, ये पक्षी गंभीर नहीं हैं। नदियाँ और महासागर उग्र हैं, और हर जगह खेल चल रहा है, हर जगह आनंद और आनंद ही है। अस्तित्व को देखो, अस्तित्व को सुनो और इसका हिस्सा बनो।
  • आप जो भी महसूस करते हो, आप बन जाते हो। यह आपकी जिम्मेदारी है।
  • सांस खत्म हो और तमन्ना बाकी रहे वह मृत्यु है। सांस बाकी रहे और तमन्ना खत्म हो जाए वह है मोक्ष।
  • अगर तुम निश्चिंत होना चाहते हो तो तुम अपनी सारी चिंताएं उस परमात्मा पर छोड़ दो। जिस पर इतना विराट जीवन ठहरा हुआ है, चांद तारे चलते हैं, ऋतु आती है जाती है, सूरज निकलता है। वह तुम्हारी भी छोटी लहार को संभाल लेगा। तुम अपनी लहर को अहंकार मत बनाओ। तुम अपने लहर को उसके हाथ में समर्पित कर दो।
  • मैं तुमसे यह भी नहीं कहता कि परमात्मा को प्रेम करो। मैं तो इतना ही कहता हूं कि तुम बस प्रेम करो और एक दिन तुम पाओगे कि प्रेम करते करते परमात्मा तुम्हारे द्वार पा आ गया।
  • हम शरीर और मन पर रुके हुए हैं, अटके हुए हैं। वहां से हम अगर कूद जाए फिर आत्मा का गुरुत्वाकर्षण इतना प्रबल है जो जमीन के गुरुत्वाकर्षण से काफी ज्यादा है। बस एक बार हम अपने शरीर के छत से कूद जाएं फिर आत्मा हमे खींच लेती है।
  • कुछ पा लेने की इच्छा से एक प्रेम होता है, वह लोभ है, लिप्सा है और अपने को समर्पित कर देने का एक प्रेम होता है वही भक्ति है।

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